

❗ लखनऊ में महिला के साथ दोबारा रेप – आरोपी फिर से फरार, सिस्टम पर फिर उठा सवाल!
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक बार फिर मानवता शर्मसार हो गई, कानून व्यवस्था कठघरे में आ गई और मुख्यमंत्री के “यमराज इंतजार करेंगे” वाले बयान की साख पर प्रश्नचिन्ह लग गया।
एक महिला के साथ दुष्कर्म करने वाला आरोपी पहले जेल गया, लेकिन ज़मानत पर छूटते ही फिर से वही दरिंदगी को अंजाम दिया। इस बार उसने पीड़िता को अगवा किया, उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसे झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया। महिला की हालत गंभीर है और आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
अब सवाल उठता है – योगी आदित्यनाथ जी की पुलिस क्या कर रही है?
क्या अपराधियों में कानून का भय खत्म हो गया है?
क्या जमानत पर छूटने के बाद अपराधी फिर से वही पाप दोहराने के लिए आज़ाद हैं?
क्या बेटियों की सुरक्षा सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गई है?
मुख्यमंत्री अक्सर मंच से कहते हैं – “बेटी के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए यमराज चौराहे पर खड़े होंगे।”
लेकिन इस मामले में न तो यमराज दिखे, और न ही पुलिस की सतर्कता।
दूसरी बार बलात्कार जैसी जघन्य वारदात का होना इस बात का प्रमाण है कि न तो पुलिस ने अपराधी पर निगरानी रखी और न ही उसे कठोर सजा दिलाने की प्राथमिकता दिखाई।
यह घटना केवल कानून व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि एक पारदर्शी और प्रभावी तंत्र की कमी को उजागर करती है।
🔴 क्या होना चाहिए?
ज़मानत पर छूटे ऐसे अपराधियों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए।
तेजी से ट्रायल कर सख्त सजा सुनाई जानी चाहिए ताकि समाज में भय पैदा हो।
पुलिस को पीड़िता की सुरक्षा और आरोपी पर सतत निगरानी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
🛑 वरना ऐसे मामलों में चुप्पी, हर बेटी के विश्वास को तोड़ेगी।
यह केवल एक महिला नहीं, पूरे समाज की अस्मिता और न्याय व्यवस्था की साख का मामला है।
✍️ विश्लेषण: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083








